तुम्हारे बारे में / Tumhare Baare Mein PDF Download Free by Manav Kaul

तुम्हारे बारे में / Tumhare Baare Mein PDF, तुम्हारे बारे में / Tumhare Baare Mein PDF Download, तुम्हारे बारे में / Tumhare Baare Mein Book, तुम्हारे बारे में / Tumhare Baare Mein epub download ,तुम्हारे बारे में / Tumhare Baare Mein in Hindi PDF Download , तुम्हारे बारे में / Tumhare Baare Mein किताब डाउनलोड करें, तुम्हारे बारे में / Tumhare Baare Mein Kitab Download kro, तुम्हारे बारे में / Tumhare Baare Mein Read Online in Hindi Free, तुम्हारे बारे में / Tumhare Baare Mein Book Download Free, तुम्हारे बारे में / Tumhare Baare Mein Book by

मैं उस आदमी से दूर भागना चाह रहा था जो लिखता था। बहुत सोच-विचार के बाद एक दिन मैंने उस आदमी को विदा कहा जिसकी आवाज़ मुझे ख़ालीपन में ख़ाली नहीं रहने दे रही थी। मैंने लिखना बंद कर दिया। क़रीब तीन साल कुछ नहीं लिखा। इस बीच यात्राओं में वह आदमी कभी-कभी मेरे बग़ल में आकर बैठ जाता। मैं उसे अनदेखा करके वहाँ से चल देता।

कभी लंबी यात्राओं में उसकी आहट मुझे आती रही, पर मैं ज़िद में था कि मैं इस झूठ से दूर रहना चाहता हूँ। इस बीच लगातार मेरे पास फ़ोन था, जिससे मैं यात्राओं में तस्वीरें खींचता रहा। फिर किसी बच्चे की तरह यहाँ-वहाँ देखकर कि कहीं वह आदमी आस-पास तो नहीं है? मैं अपने फ़ोन में नोट्स खोलता और ठीक उस वक़्त का जो भी महसूस हो रहा है, जिसे मैं छू भी सकता हूँ, दर्ज कर लेता। इन दस्तावेज़ों को उस वक़्त खींची तस्वीरों के साथ इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर देता। मानो अंतरिक्ष में संदेश छोड़ा हो। शायद मैं इस तरह का लिखना बहुत समय से तलाश रहा था, जो न कविता है, न कहानी है, वह बस उस वक़्त की सघनता का एक चित्र है जिसमें पतंग बिना धागे के उड़ रही है।


इस किताब में यात्राएँ हैं, नाटकों को बनाने का मुक्त अकेलापन है, कहानियाँ हैं, मौन में बातें हैं, इंस्टाग्राम की लिखाई है और लिखने की अलग-अलग अवस्थाएँ हैं। एक तरीक़े का बाँध था, जिसका पानी कई सालों से जमा हो रहा था। इस किताब में मैंने वह बाँध तोड़ दिया है।—- मानव कौल

Leave a Comment