हरिशंकर परसाई / Harishankar Prasad

अगर आपको आपके द्वारा खोजी गयी पुस्तक नहीं मिलती हैं तो आप दुबारा खोज हैं

लेखक की सारी पुस्तकें

टोर्च बेचने वाला / Torch bechne wala

वह पहले चौराहों पर बिजली के टार्च बेचा करता था । बीच में कुछ दिन वह नहीं दिखा...

ठिठुरता हुआ गणतंत्र / Thithurata Huaa Gantantra

परसाई हँसाने की हड़बड़ी में नहीं होते। वे पढ़नेवाले को देवता नहीं मानते, न ग्राहक, सिर्फ एक नागरिक...