प्रमोद रंजन / Pramod Ranjan

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लेखक की सारी पुस्तकें

बहुजन साहित्य की प्रस्तावना / Bahujan Sahitya Ki Prastaawanaa

पुस्तक का कुछ अंश: साहित्य की दुनिया में निष्कर्ष से अधिक...

बहुजन साहित्य की प्रस्तावना / Bahujan Sahitya Ki Prastaawanaa

"बहुजन साहित्य की प्रस्तावना" शीर्षक यह किताब हिन्दी और भारतीय भाषाओं में बहुजन साहित्य की अवधारणा पर विमर्श प्रस्तुत करती है। एक ओर यह...

महिषासुर : एक जननायक Mahishasur: Ek Jannayak

पुस्तक का कुछ अंश: शक्ति के विविध...

महिषासुर : एक जननायक Mahishasur: Ek Jannayak

एक मशहूर अफ्रीकन कहावत है, “जब तक शेरों के अपने इतिहासकार नहीं होंगे, इतिहास शिकारी का ही महिमामंडन करता रहेगा।” पुस्तक, 'महिषासुर : एक...

महिषासुर : मिथक और परंपराएं / Mahishasur: Mithak aur Paramparayen

प्रमोद रंजन के सम्पादन में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पुस्तक ‘महिषासुर : मिथक व परम्पराएं’ प्रकाशित हुई है, जिसमें दुर्गा और महिषासुर के मिथकों पर...