मुझे चाँद चाहिए / Mujhe Chaand Chahiye by Surendra Verma Download Free PDF

पुस्तक नाम : मुझे चाँद चाहिए / Mujhe Chaand Chahiye
Book Language : हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज़ : 3.6 MB
  • कुल पृष्ठ : 638

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    कई दशकों से हिंदी उपन्यास में छाए ठोस सन्नाटे को तोड़ने वाली कृति आपके हाथो में है. जिसे सुधि पाठको ने भी हाथों-हाथ लिया है और मान्य आलोचकों ने भी. शाहजंहापुर के अभाव-जर्जर, पुरातनपंथी ब्राह्मण-परिवार में जन्मी वर्षा वशिष्ठ बी.ए. के पहले साल में अचानक एक नाटक में अभिनय करती है और उसके जीवन की दिशा बदल जाती है. आत्माभिव्यक्ति के संतोष की यह ललक उसे शाहजहानाबाद के नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा तक लाती है जहाँ कला-कुंड में धीरे धीरे तपते हुए वह राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता प्रमाणिक करती है और फिर उसके पास आता है एक कला फिल्म का प्रस्ताव. वस्तुतः यह कथा कृति व्यक्ति और उसके कलाकार, परिवार, सहयोगी एवं परिवेश के बीच चलने वाले सनातन दवदांव की और कला तथा जीवन के पैने संघर्ष व अंतविरोधी की महागाथा है. परम्परा और आधुनिकता की ज्वलनशील टकराहट से दीप्त रंगमंच एवं सिनेमा जैसे कला क्षेत्रों का महाकाव्यी सिंहावलोकन. अपनी प्रखर सवेदना के लिए सर्वमान्य सिद्धहस्त कथाकार तथा प्रख्यात नाटकार की अभिनव उपलब्धि है.

    इस पुस्तक के लेखक

    सुरेन्द्र वर्मा / Surendra Verma

    सुरेंद्र वर्मा (जन्म 7 सितंबर 1941) एक प्रमुख हिंदी साहित्यकार और नाटककार हैं।  उन्होंने एक नाटककार के रूप में शुरुआत की, जब उनका नाटक सूर्य का अंत किरण से सूर्य की किरण तक (सूर्यास्त से सूर्यास्त तक, 1972) काफी प्रसिद्ध हुआ; इसका छह भारतीय भाषाओं में अनुवाद किया गया है।  उनका राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के साथ एक लंबा संबंध रहा है । और लघु कथाओं, व्यंग्य, उपन्यास और नाटकों के लगभग पंद्रह शीर्षक प्रकाशित किए हैं।

    उन्होंने संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (1993 में) और साहित्य अकादमी पुरस्कार (1996 में) और व्यास सम्मान (2016 में) जीता है।

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