माउथ ऑर्गन / Mouth Organ Hindi PDF Books Download Free by Sushobhit Saktawat

किताब के बारे में

यह क़िस्सों की किताब है। कुछ कपोल कल्पना, कुछ आपबीती, कुछ दास्तानगोई, कुछ बड़बखानी। अँग्रेज़ी में जिसे कहते हैं- ‘नैरेटिव प्रोज़’। वर्णन को महत्व देने वाला गद्य, ब्योरों में रमने वाला गल्प। कहानी और कहन के दायरे से बाहर यहाँ कुछ नहीं है। यह ‘हैप्पी कंटेंट’ की किताब है। कौतूहल इसकी अंतर्वस्तु है। क़िस्सों की पोथी की तरह किसी भी पन्ने से खोलकर इसे पढ़ा जा सकता है।

लेखक के बारे में

13 अप्रैल 1982 को मध्यप्रदेश के झाबुआ में जन्म। शिक्षा-दीक्षा उज्जैन से। अँग्रेज़ी साहित्य में स्नातकोत्तर। कविता की दो पुस्तकों ‘मैं बनूँगा गुलमोहर’ और ‘मलयगिरि का प्रेत’ सहित लोकप्रिय फ़िल्म-गीतों पर विवेचना की एक पुस्तक ‘माया का मालकौंस’ प्रकाशित। यह चौथी किताब। अँग्रेज़ी के लोकप्रिय उपन्यासकार चेतन भगत की पाँच पुस्तकों का अनुवाद भी किया है।

संप्रति दैनिक भास्कर समूह की पत्रिका अहा! ज़िंदगी के सहायक संपादक।

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