होम्योपैथी चिकित्सा/ Homoeopathy Chikitsa PDF Download Free by M.B.L. SAXENA

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ऐलोपैथी चिकित्सा पद्धति से होनेवाले साइड इफेक्ट्स के कारण बड़ी संख्या में लोग होम्योपैथी चिकित्सा की ओर आकर्षित होने लगे हैं। प्रतिष्ठित एवं विख्यात होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. एम.बी.एल. सक्सेना के गहन अध्ययन और अनुभवों का परिणाम है यह पुस्तक। उपचार पूरी तरह से रोगों की विशेषताओं और विचित्र लक्षणों पर आधारित हैं; जिनमें होम्योपैथी के सिद्धांतों का ध्यान रखा गया है। दवाओं की उपयुक्त पोटेंसी का भी सुझाव दिया गया है। पुस्तक का प्रमुख उद्देश्य होम्योपैथी चिकित्सा के संबंध में पाठकों को विस्तृत एवं व्यावहारिक जानकारी देने के साथ ही रोगियों को आसान और सस्ता उपचार उपलब्ध कराना है। यह पुस्तक होम्योपैथी चिकित्सकों के लिए भी संदर्भ पुस्तक के रूप में उपयोगी सिद्ध होगी।

पुस्तक का अंश :

भाग- 1 पेट के रोग

गरिष्ठ भोजन के बाद पेट फूलना नक्स वोमिका-30 तीन दिनों तक दिन में तीन बार और चौथे दिनपल्सेटिला 200 एक खुराक प्रतिदिन लें।• पेटदर्द, पेट से वायु निकालने के लिए कैल्केरिया फॉस्फोरिका 6 दिन में तीन बार• अप्राकृतिक चीजें, जैसे चॉक, मिट्टी, कोयला इत्यादि खाने की इच्छा कैल्केरिया फॉस्फोरिका 12 एक्सरोजाना तीन बार• भूख में कमी–केरिका पपाया 30 हर चार घंटे पर• प्लीहा की बाई और दर्द, पेट में लगातार दर्द-सियोनॅथस क्यू की दो से पाँच बूँदें, दिन में दो बार• पेट में गड़गड़ाहट, पेट फूल जाता हो थुजा 30 दिन में दो बार • बच्चों का पेट बढ़ना-सल्फर 1एम दो सप्ताह में एक बार केवल सुबह के समय• पेट की वायु तथा यकृत (सीवर) में हुए संक्रमण के कारण उत्पन्न पेट के रोग मल त्याग तथा पेट सेअपानवायु निकलने पर आराम मिलता है—नेटम आर्सेनिकम-30 दिन में तीन बार • उदरशूल (तेज पेटदर्द), गरम सिंकाई से आराम मैग्नीशिया फॉस्फोरिकम 12 एक्स हर घंटे• अम्लता (एसिडिटी), सभी खाद्य पदार्थ खट्टे और अप्रिय लगते हैं; जलन में पानी पीने से अस्थायी राहत मिलतीहै सेनिक्यूला 30 दिन में तीन बार• अत्यधिक अम्लता, जीभ के पिछले हिस्से पर पीली परत, खट्टी डकार और वमन नेट्रम फॉस्फोरिकम-30छह-छह घंटे पर• अम्लता, पेट में खट्टापन महसूस होना, दाँतों को खट्टा बनानेवाला वमन- गोबिना-30 दिन में दो बार• अम्लता, सीने में जलन, खट्टी डकार और बमन, एलोपैथिक दवाओं में मैग्नीशिया के इस्तेमाल के कारणमैग्नीशिया कार्बोनिका 6 दो सप्ताह में एक बार लें। • खट्टी डकार, वमन, कलेजे की जलन के साथ अम्लता लाइकोपोडियम 30 दिन में एक खुराक• तीव्र पेचिश मरक्यूरियस कोरोसिवस 6 या कोलोसिंथ-6 या दोनों अदल-बदलकर दिन में दो बार • पेट में जलन, खाने के बाद राहत मिलती है फॉस्फोरस 200 एक खुराक• विशिष्ट डायरिया के साथ होनेवाले रोग कोटन टिंगलम-30 दिन में तीन बार• पेट में मरोड़, तेज दर्द, हिचकी, पानीदार वमन, ऐंठन, चलने का प्रयास करने पर कंपन, पैरों की पिंडलियों में मरोड़, मध्य रात्रि के बाद अधिक तेज, बिस्तर से उठकर खड़े होने पर राहत महसूस होना क्यूप्रमआर्सेनिकम-200 एक खुराक प्रतिदिन• बहुत तेज मिचली, वमन, ठंडा पसीना और अत्यंत बेचैनी लॉबीलिया इन्क्लेटा 6 दिन में तीन बार• कमजोरी और दुर्बलता, लोवर का बढ़ना इंसुलिन एक्स एक खुराक प्रतिदिन

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