Garud Puran Pdf Download in Hindi | गरुड़ पुराण Pdf Download

पुराण साहित्य में Garud Puran का एक प्रमुख स्थान है, सनातन धर्म यह मान्यता है किसी व्यक्ति के मरने के पश्चात् Garud Puran का पाठ करवाने से यसे वैकुण्ठ लोक की प्राप्ति होती है ! इस गरुण पुराण में क्यच २८९ अध्याय है! इसमें कुछ 18 हजार श्लोक है!

इस Garud Puran में मृत्यु क पश्चात् की घटना kaa विस्तार से वर्णन किया गया है ! जैसे की प्रेत लोक , यम लोक , नरक और 84 लाख योनियों के नरक स्वाभाविक जीवन के बारे में वर्णन किया गया है ! इस गरुण पुराण में कई सुर्यावंशी और चंद्रवंशी राजाओं का भी वर्णन मिलता है !

साधारण लोग इस गरुण पुराण को पढने से डरते है, क्योकि इस गरुण पुराण को किसी के मृत्यु के पश्चात ही पढवाया जाता है! वास्तव में इस गरुण पुराण में किसी के मृत्यु के पश्चात् होने वाले घटनाओं के बारे में वर्णन किया गया है ! जैसे की यम लोक, प्रेत लोक, तथा 84 लाख योनियों के नरक स्वरूपी जीवन आदि के बारे में विस्तार से गरुण पुराण में बताया गया है !

इस पुराण में कई सूर्यवंशी और चंद्रावंशी राजाओं के बारे में वर्णन मिलता है! साधारण लोग इस ग्रन्थ को पढने से हिचकते है, क्योकि इस ग्रन्थ को किसी सगे सम्बन्धी के मृत्यु के पश्चात ही पढवाया जाता है! वास्तव में इस गरुण पुराण में मृत्यु के पश्चात् पुर्नजन्म होने के बाद गर्भ भ्रूण की वैज्ञानिक अवस्था को सांकेतिक रूप से बखान किया गया है ! जिसे वैतरणी नदी की संज्ञा दी गयी है !

प्रेत योनी में भोग रहे व्यक्ति के परिजन या उसके सगे सम्बन्धी गरुण पुराण का पाठ करवाते है तो उसे स्वर्गलोग की प्राप्ति होती है ! और वह प्रेत योनी से मुक्त हो जाता है! गरुण पुराण में नरक से बचने के उपाय बताये गये है !

गरुण पुराण के अंतगर्त किसी भी व्यक्ति के मृत्यु के पश्चात् उसका श्राद्ध कर्म, और उसका पिंड दान आवश्यक बताया गया है ताकि उसके आत्मा को शांति प्राप्त हो ! यह उपाए पिता के लिए पुत्र को बताया गया है ! पुत्र ही पिता का पिंड दान और श्राद्ध कर्म करके उन्हें नर्क से बचाता है !

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